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भारत के प्रमुख बंदरगाह | Bharat Ke Pramukh Bandargah

बंदरगाह किसे कहते है: जिस तटीय क्षेत्र से व्यापारिक नौकाओं का आवागमन होता है वहां कई विशेष सुविधाएँ दी जाती है| इस प्रकार के क्षेत्र को ही बंदरगाह कहा जाता है| आज हम आपको “भारत के प्रमुख बंदरगाह” की लिस्ट देंगे|

भारत के प्रमुख बंदरगाह

एक देश के विकास के लिए सबसे जरुरी है व्यापार। व्यापार के लिए सबसे जरुरी है बंदरगाह। क्योंकि किसी भी देश का आयात-निर्यात इन्ही बंदरगाहों के माध्यम से होता है| भारत में 13 बड़े तथा 200 छोटे बन्दरगाह है|

भारत में प्राचीन काल से ही विदेशों के साथ व्यापार किया जाता रहा है| यह व्यापार जल और थल दोनों के माध्यम से होता था| व्यापार जब जलीय मार्ग से होता था तब यह सस्ता और जयादा सुरक्षत होता है|

आधुनिक काल में 1856 में “ब्रिटिश इण्डिया स्टीम कम्पनी” की स्थापना के साथ भारत में जहाजरानी परिवहन की शुरुआत हुयी।

बड़े बंदरगाहों की देखरेख भारत सरकार और छोटे बंदरगाहों की देखरेख राज्य सरकार द्वारा की जाती है|

भारत के प्रमुख बंदरगाह – Ports of India

भारत के प्रमुख बंदरगाहों की लिस्ट आगे दी गई है:

नाम नदी/समुद्र राज्य/UT
मुंबई अरबसागर महाराष्ट्र
पारादीप बंगाल की खाड़ी आंद्रप्रदेश, ओडिशा
चेन्नई बंगाल की खाड़ी तमिलनाडु
विशाखापट्टनम बंगाल की खाड़ी आन्ध्र प्रदेश
कांडला कच्छ की खाड़ी गुजरात
मुर्मुगाव अरबसागर गोवा
जवाहरलाल नेहरु अरबसागर महाराष्ट्र
कोचीन अरब सागर केरल
इन्नौर बंगाल की खाड़ी तमिलनाडु
हल्दिया कोलकाता-हुगली पश्चिम बंगाल
न्यू तूतीकोरिन बंगाल की खाड़ी तमिलनाडु
न्यू मंगलोर अरब सागर कर्नाटक
पोर्टब्लेयर बंगाल की खाड़ी अंडमान निकोबार

कई बार विभिन्न परीक्षाओं में ये प्रश्न आ चुका है:

भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह कौन सा है?

भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह मुंबई है|

भारत के प्रमुख बंदरगाह (Major Ports of India)

 परिचय:

भारत एक समुद्री व्यापारिक देश है, जिसकी संपूर्ण तटरेखा लगभग 7,516.6 किमी लंबी है। भारत में कुल 13 प्रमुख (Major) और 200 से अधिक छोटे (Minor) बंदरगाह हैं। ये बंदरगाह आयात-निर्यात, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

 भारत के 13 प्रमुख बंदरगाहों की सूची और उनके स्थान

बंदरगाह का नाम राज्य समुद्र / तट मुख्य विशेषता
कांडला (दीनदयाल पोर्ट) गुजरात अरब सागर भारत का सबसे व्यस्त बंदरगाह
मुंबई पोर्ट महाराष्ट्र अरब सागर सबसे पुराना और प्राकृतिक बंदरगाह
नवाशेवा (जेएनपीटी) महाराष्ट्र अरब सागर सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट
मर्मगाओ पोर्ट गोवा अरब सागर लौह अयस्क निर्यात के लिए प्रसिद्ध
न्यू मेंगलुरु पोर्ट कर्नाटक अरब सागर पेट्रोलियम उत्पादों के लिए प्रमुख
कोचीन पोर्ट केरल अरब सागर प्राकृतिक बंदरगाह, मसालों का व्यापार
चेन्नई पोर्ट तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह
एन्नोर (कामराजर पोर्ट) तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी पहला कॉर्पोरेट बंदरगाह
विजाग (विशाखापत्तनम पोर्ट) आंध्र प्रदेश बंगाल की खाड़ी पूर्वी तट का सबसे बड़ा बंदरगाह
पारादीप पोर्ट ओडिशा बंगाल की खाड़ी लौह अयस्क और कोयला निर्यात
हल्दिया पोर्ट पश्चिम बंगाल बंगाल की खाड़ी कोलकाता पोर्ट का सहायक
कोलकाता पोर्ट (श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट) पश्चिम बंगाल हुगली नदी भारत का एकमात्र नदी बंदरगाह
तूतीकोरिन (वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट) तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक बंदरगाह

 प्रमुख बंदरगाहों का महत्व:

आर्थिक विकास: भारत के 90% से अधिक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का संचालन बंदरगाहों के माध्यम से होता है।
नौवहन उद्योग: जहाजरानी और परिवहन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण।
रोजगार के अवसर: लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है।
सैन्य और सामरिक महत्व: कुछ बंदरगाह नौसेना और सुरक्षा दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।

 निष्कर्ष:

भारत के बंदरगाह समुद्री व्यापार और आर्थिक विकास की रीढ़ हैं। सरकार बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और विस्तार पर ध्यान दे रही है, जिससे “सागरमाला परियोजना” जैसी योजनाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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